निदेशक के कलम से

निदेशक के कलम से

राडोपप्र की स्तापना भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) ने निष्पक्ष और स्वच्छ खेलों के मिशन पर ध्यान केंद्रित करने हेतु की गई है। हम, राडोपप्र एमवाईएएस के निर्माण के बाद से ही उनके निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन के लिए वास्तव में ऋणी हैं। हम विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के भी आभारी हैं कि उन्होंने मिशन को प्राप्त करने के लिए हमारी यात्रा में निरंतर मदद और सहयोग दिया है इन वर्षों में,राडोपप्र डोपिंग रोधी उपायों और वैश्विक मानकों को विकसित करने के लिए समर्पित एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित हुआ है। हमने विश्लेषणात्मक परीक्षण को गुणात्मक रूप से बढ़ाया है, नई विधियां / प्रोटोकॉल विकसित किए हैं, और इस प्रक्रिया से, खेलों में डोपिंग के खिलाफ एक प्रभावी लड़ाई को कायम रखा है। हालांकि, डोपिंग अनुसंधान की बढ़ती गति और नई दवाओं के आगमन,परीक्षण के कार्यप्रणाली के साथ,राडोपप्र को बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों के कल्याण के लिए, सीखने और कल की तुलना में एक बेहतर संगठन बनने की जिज्ञासा को बनाए रखा है। इसके बावजूद, अनुसंधान और विकास के माध्यम से और सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है, और, राडोपप्र न केवल वर्तमान में बल्कि भविष्य की ढेर सारी नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है , साथ ही लोगों को खोजने के लिए नए ज्ञान/विचारों और प्रौद्योगिकी को साझा करने और हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे डोप परीक्षण को अनुकूल और विश्व स्तर पर स्वीकृति प्राप्त हो राडोपप्र का लक्ष्य देश में डोपिंग रोधी विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

 

                                                                              (डॉ. पी. एल. साहू)
                                                                                    निदेशक