घोड़े डोपिंग

डोपिंग दौड़ के दिन पर किया जाता है ताकि उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि व चोटों को काम कर सके और अस्थिर घोड़ों को ट्रैक पर लाया जा सके। प्रदर्शन कर रहे घोड़ों में डोपिंग को अवैध परिभाषित किया गया है सामान्य आहार को छोड़कर, जो दौड़ के समय घोड़े की प्राकृतिक और वर्तमान क्षमता को संशोधित कर सकता है। “डोपिंग का प्रतिबंध मुख्य रूप से जानवरों के संरक्षण पर आधारित है।

राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला ने अप्रैल 2014 में घोड़े की डोप परीक्षण सुविधा के लिए NABL से प्रत्यायन प्राप्त किया और घोड़े के मूत्र और रक्त नमूने का नियमित परीक्षण शुरू किया जो जुलाई 2014 से हैदराबाद रेस क्लब से प्राप्त किया था| वर्तमान में,राडोपप्र रॉयल कोलकाता टर्फ क्लब कोलकाता, बैंगलोर टर्फ क्लब बेंगलोर और रॉयल वेस्टर्न इंडिया टर्फ क्लब मुंबई से भी नमूने प्राप्त कर रहा है। राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला ने 2012 में एसोसिएशन ऑफ ऑफिसियल रेसिंग केमिस्ट्स(AORC) द्वारा आयोजित प्रवीणता परीक्षण दौर में सफलतापूर्वक भाग लेने के साथ के साथ योग्यता के साथ प्राप्त की है राडोपप्र अन्य रेस क्लबों के साथ भी सहयोगनात्मक रूप से ज़ुरा हुआ है।.

इसके अतिरिक्त, NDTL प्रे-परचेस , टेस्टिंग फीड कंटैमिनेशन & सप्लीमेंट टेस्टिंग परीक्षण भी कर रहा है।