मानव डोपिंग

मानव डोपिंग एथलीटों द्वारा प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं के इस्तेमाल के संदर्भ को दर्शाती है। मानव खेल डोपिंग नियंत्रण विश्लेषण एक जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य है एंटी डोपिंग प्रयोगशालाओं के लिए। जो विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जिसका लक्ष्य विश्व स्तर पर सुसंगत परिणाम प्राप्त करना है और सभी एथलीटों के लिए समान उपचार मुहय्या करवाना है। प्रति वर्ष प्रतिबंधित पदार्थों और विधियों की सूची वाडा द्वारा अपडेट की जाती है और सैकड़ों रासायनिक और औषधीय रूप से अलग-अलग कम और उच्च आणविक भार (मेगावाट) यौगिकों के परीक्षण होते हैं।

खेल में, आज का उद्देश्य एथलीटों के लिए जीत और प्रसिद्धि की तलाश के लिए समान अवसर प्रदान करना है। इसलिए, प्रदर्शन-बढ़ाने वाले पदार्थों और विधियों का उपयोग न केवल निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, बल्कि एथलीटों के स्वास्थ्य की रक्षा और खेल की भावना की रक्षा के लिए भी निषिद्ध किया गया है।.

राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (राडोपप्र) मानव खेलो में मूत्र और रक्त नमूनों के परीक्षण के लिए नेशनल अक्क्रेडिटशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग & कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज, NABL (2003) एंड वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) (2008) से मान्यता प्राप्त है। अप्रैल 2010 में रक्त नमूनों के परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त हुई।

राष्ट्रीय स्तर पर, मूत्र और रक्त के नमूने नेशनल एंटी -डोपिंग एजेंसी (NADA) , गेम्स ओर्गनइजिंग कमिट्टीस & सैम्पल्स कलेक्टेड थ्रू इंटरनेशनल डोपिंग टेस्ट्स & मैनेजमेंट (IDTM) के द्वारा प्राप्त होते हैं विभिन्न एजेंसियों जैसे बीसीआईआई के लिए। इसके अलावा राडोपप्र विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों (लगभग 15 पड़ोसी देशों) के नमूने का परीक्षण कर रहा है प्रतिस्पर्धा और प्रतिस्पर्धा से बाहर दोनों परीक्षणों के लिए|