प्रेस विज्ञप्ति

प्रथम शासकीय सामान्य निकाय बैठक
सोमवार दिनांक 05/01/09 को सरकार ने राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (राडोपप्र) की वार्षिक परीक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपये को मंजूरी दी थी और अब ये  दुनिया की अग्रणी डोप परीक्षण प्रयोगशालाओं में से एक हैं।
यह निर्णय खेल मंत्री एम एस गिल ने लिया, जिन्होंने  राडोपप्र की जनरल बॉडी और गवर्निंग बॉडी की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी।
वर्तमान में, राडोपप्र सालाना करीब 2000 नमूनों का परीक्षण कर रहा है, जो वाडा नियमों के मुताबिक वर्तमान कैलेंडर वर्ष 2009 में 3,000 तक बढ़ाया जाना प्रस्तावित है, और जिसे 2010 में 5000 नमूनों में बढ़ाया जाना है।
बैठक में कई अन्य फैसले किए गए, जिसमें वैज्ञानिक और प्रशासनिक कर्मचारियों के 18 नवगठित पदों के लिए भर्ती नियमों का अनुमोदन, नमूनों के परीक्षण के लिए टैरिफ संरचना का अनुमोदन और राडोपप्र में ईपीओ, रक्त और विकास हार्मोन परीक्षण भी शुरू करना शामिल है।
डॉ गिल ने राडोपप्र, राष्ट्रीय डोपिंग एजेंसी (नाडा), भारतीय ओलंपिक संघों के बीच समन्वयित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया ताकि भारत में स्वच्छ खेल को बढ़ावा मिले।
ईपीओ, रक्त और विकास हार्मोन परीक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, इस उद्देश्य के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों और उपकरणों को भी शासी निकाय द्वारा अनुमोदित किया गया था, जो वाडा ने हाल ही में 2009 के अंत तक सभी मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य कर दिया है।

खेल मंत्री ने राडोपप्र के नए परिसर का उद्घाटन किया

डॉ एम.एस. गिल, युवा मामलों के मंत्री और खेल मंत्री ने आज यहां राष्ट्रीय डोप टेस्टिंग प्रयोगशाला (राडोपप्र) की नई इमारत का उद्घाटन किया, जिसमें खेल सचिव, राडोपप्र, भारतीय खेल प्राधिकरण और सीपीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
राडोपप्र का नया और आधुनिक पहला भवन परिसर सीपीडब्ल्यूडी द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों 2010 के लिए खेल मंत्रालय को सौंप दिया गया है। राडोपप्र जल्द ही इस इमारत में सभी आधुनिक सुविधाओं और नवीनतम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ स्थान्तरित होगा ताकि, विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) द्वारा निर्धारित नवीनतम परीक्षण कर सके इस उदेश्य के साथ की राडोपप्र को एक विश्व स्तर की प्रयोगशाला बन सके,उन्नयन और आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत राडोपप्र को १४ करोड़ रूपए का अनुमोदन दिया गया जिसे पिछले बर्ष दिसम्बर में शासकीय निकाय ने भी इसे मंजूरी दी। योजना के अनुसार, प्रयोगशाला की तकनीकी ताकत को भी बढ़ाया जा रहा है ताकि 2000  नमूने के वर्तमान स्तर से बढाकर इसकी परीक्षण क्षमता 2010 में 5000 नमूनों तक पहुंच सके| राडोपप्र के मौजूदा कर्मचारियों के तकनीकी कौशल को प्रशिक्षण और अनावरण के साथ प्रशिक्छित किया जा रहा है जैसा दुनिया के अन्य उन्नत प्रयोगशालाओं में होता है|
अपने सम्बोधन में डॉ गिल ने डोपिंग के खतरों को खेल से मुक्ति के लिए सभी उपाय करने और भारत में खेल के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि राडोपप्र को न केवल तकनीकी रूप से मजबूत करना है बल्कि यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इसकी कार्यप्रणाली पूरी तरह से स्वायत्त और स्वतंत्र रहे और इसके निष्पक्ष और निशुल्क कार्यकाप के रास्ते में कोई बाहरी नहीं आयें| उन्होंने कहा कि एंटी डोपिंग नियमों के अनुसार, मंत्रालय ने प्रतिष्ठित न्यायिक व्यक्तित्व, चिकित्सकों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ अनुशासनात्मक और चिकित्सीय पैनल का गठन किया है| इससे पहले, राष्ट्रीय चिकित्सा डोपिंग एजेंसी (नाडा) का पुनर्गठन किया गया, जिसमें प्रमुख चिकित्सकीय विशेषज्ञ और खेल से जुड़े  व्यक्ति शामिल थे।
भारत में डोप टेस्टिंग लैब को 1990 में स्थापित किया गया था (भारतीय खेल प्राधिकरण) न्यूनतम राष्ट्रीय सुविधाओं और उपकरणों के साथडोप नियंत्रण केंद्र के रूप में। इस प्रयोगशाला को 2002 में आधुनिक बनाया गया इस उद्देश्य की अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक आयोग और वाडा(WADA)द्वारा स्थायी रूप से मान्यता प्राप्त किया जा सके|बर्ष 2002 में प्रयोगशाला को ISO 9001:2000 प्रमाणीकरण और बाद में सन 2003 ISO 17025:2005 की मान्यता मिली। ISO 17025:2005 मान्यता वाडा प्रमाणन के आवेदन करने के लिए आवश्यक मापदंड थी। परिवीक्षाधीन अवधि को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद वाडा के त्रैमासिक प्रवीणता परीक्षण दौरों में भाग लेने से, प्रयोगशाला को 21 सितंबर, 2008 को वाडा(WADA)द्वारा मान्यता मिल गई, जो 31 दिसंबर, 2008 तक थी|बाद में प्रवीणता परीक्षण भागीदारी के परिणामों के मूल्यांकन के आधार पर वर्ष 2008 में प्रमाणन को वर्ष 2009 तक के लिए बढ़ा दी गई।

राडोपप्र के पास वो सभी आवश्यक उपकरण हैं जिससे एक वर्ष में 2000 नमूनों के सफल परीक्षण भार को पूरा किया जा सके|प्रयोगशाला की क्षमता को बढाकर वर्ष 2009 में 3000 नमूनों और वर्ष 2010 में 5000 नमूनों की जांच करने का प्रस्ताव है|

वाडा(WADA) प्रत्यायन प्राप्त करने के बाद, राडोपप्र ने कई अंतर्राष्र्टीय परीक्षण किये, कामनवेल्थ  युथ  गेम्स 2008(Oct.12-18, 2008),एशियाई  जूनियर  बॉक्सिंग चैंपियनशिप ( Sept 30,2008 ),वर्ल्ड  बैडमिंटन  चैंपियनशिप (Nov. 2008), फुटबॉल  चैंपियनशिप ओमान , मस्कट  (Dec 2008),और  फोर  नेशंस   गोल्ड  कप  इंटरनेशनल  हॉकी  टूर्नामेंट  (Feb 09)|हाल ही में, 300 से अधिक नमूने के परीक्षण के लिए इंटरनेशनल डोपिंग टेस्ट एंड मैनेजमेंट ((IDTM), स्टॉकहोम  द्वारा भी प्राप्त हुआ है। इसके अलावा,राडोपप्र ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से परीक्षण के लिए नमूने प्राप्त की है जैसे नेपाल,पाकिस्तान और कुवैत|